सचिन के सौवे शतक को साल हो आया , अभिषेक को बेटी बेटा जो होना था हो गया ....... लोगो का मुसलसल इंतज़ार तो इस भांति था मानो , रामराज्य कि स्थापना में बस अब उतना ही वक्त बाकि है जितना इन घटनाओ के घटित होने में .....
.....अपना मन भी बावरा देखने चला एक सपना ...
......मुझे तो इंतज़ार था कि एक बार ऐश्वर्य का वजन कम हो जायेगा तो कमबख्त ये बॉलीवुड के द्वारा तो कम से कम तब तो जरुर रामराज न सही पर महाराष्ट्र मे किसानो को रस्सी खरीदने का दिल नही करेगा
.........सुबह न आई कई बार नींद से जागे
जिस समाया अन्ना माइक के पॉवर से दहाड़ रहे थे ,, उस समय तो मुझे लगा कि अब ऐश्वर्य राइ का जादू चले न चले , चेतन भगत के supernatural novel और कुमार विश्वास कि कविता कमाल दिखा ही देंगे
........वतन कि राह में मुझे एडियाँ रगड़ने दे , मुझे यकीन है पानी यहीं से निकलेगा
"अभी भी नुक्कड़ में पिचके कटोरे में पैसे खनकते हैं दोस्त हमारी गलियों में "
ऐसा कह कर वाह वाह लूटते रहे , मुझे लगा खनक अच्छी नही लगती तो अब से सिक्के के बजाये नोट डाले जायेंगे चचा के कटोरे में ".........................
"मगर कहाँ मियां तुम भी परिवर्तन कि बात करते हो अभी वकत लगेगा ,अमरीका ने सदियाँ लगायी तब पंहुचा है ओबामा तक "
"अमरीका नही पंहुचा है साब , ओबामा पंहुचा है अमरीका तक.."
सूने दरवाजे अभी भी चचा ग़ालिब के घर के दरवाजो जैसे हैं .....गुलज़ार साब के लफ्जो में बोले तो अंधेरो से मुंह जोड़ के चलते हैं .......
सुनने में आया था नयी महाभारत का श्लोक , वो कुछ ऐसे ही था न "मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में नहीं हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाइये "
सीने वीने कि आग तो भैया हम बता रहे हैं बहुत जला चुके हो अब एक बार किसी के घर के चूल्हे जला के देखो , दिए जला के देख लो , चलो एक कोक ज्यादा पि लेना ,"दो दिए ज्यादा जलाओ"
cadburry celerbration भी ले ही लेना , नए काम कि शुरुआत जो करने जा रहे हो , मुह मीठा कर के कुछ नमक का स्वाद उसको भी दिलाने कि कोशिश करो जिनके लिए सीने में आग लेकर "STUDENT OF THE YEAR " देख रहे हो .............
हमने सुना है पाठशालाओं में ये UNDERPRIVILEGED बच्चे जाते नही , वालिद साब कि कमाई कि कमी पूरी करते हैं ditergent cake के वजन को गला गला के
हिंदुस्तान में दो हिंदुस्तान नजर आते हैं
बरसो से खुदा एक सा नही गिरता दोनों पर
खालीजगहों पर थोडा खुदा फेक कर देखते हैं
