Friday, 21 December 2012

सोलह दुनी आठ

दोपहर तक मौलाना नजर नहीं आये , और बिना उनके मन नहीं लगा तो मैं खुद हे उधर चला गया
देखा तो गैस सिलेंडर वाले से भिडे हुए हैं .......उसके पास वजन करने वाला कांता नहीं था ..
,मौलाना तुन्ना कर बोले ,"एक तो वैसे हे गैस ने सरकार और पब्लिक कि गैस निकल राखी है , ऊपर से आप सोलह दुनी आठ पढ़ा रहे हो  . हम मौलाना हैं अच्छे अच्छे हमारे नाम से हुंका खाते हैं "

उधर से गुजर रहे दूसरे गैस वाले ने अपने कांटे पर वजन किया , तब जा कर मामला ठंडा पड़ा,,,,,

पान कि गिलोरी मुंह में दबा कर थोड़े ठन्डे हुए तो बोले "भाई मियां , रोज कोई न कोई झल्लत कि झाए झाए हो जावे है ...ऊपर से न्यूज वाले अलग छौंका मारे पड़े हैं ......छपा है कि 90% भारतीय बेवकूफ हैं " जाने माने जज हैं उनने कही है ये बात .तो कानूनन ठोक बजा कर कही होगी

खुदा का शुक्र हैं , हम दोनों दस प्रतिशत में आते हैं .....अपने लोगो को न वालमार्ट से लेना देना ., न NRHM   से ......

आप जेल में रहो तब भी आप कि जय जय कार है , जेल से बहार रहो , खून चूस्ते रहो तो भी जय जय

90% बेवकूफ न होते तो , मतलबी लोगो कि शेह पर गिनतियों के दम पर गलत सलत प्रस्ताव पारित न करवा लेते , 10% नोचते खाते रहे , नब्बे प्रतिशत झेलते रहे , बेवकूफी हे तो है 
वेल सैद जज साब आई सेकेण्ड बाई यू 
फू फू कर के मुंह के पान कि फल्गी अलग झाडकर बोले "भाई मियां देखते देखते सोने कि चिड़िया कहलाने वाला एक ईमानदार प्रतिभाशाली देश नबे प्रतिशत बेवकूफों कि जमात बन के रह गया है . अब इससे निचे कोई क्या गिरेगा "

१० प्रतिशत के बने रहने कि जरूरत है , समझदारों और इमंदारो का रहना भी जरुरी है जो नब्बे प्रतिशत को अपनी ऊँगली पर नचाते रहे .........आओ ९० प्रतिशत के लिए एक एक प्याला चाए हो जाये

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