Friday, 25 January 2013

कोलाहल पीछे से आता है जब.................

साल 2007- तारिख लिखना शायद भूल गया था  पन्ने  पे  .........

महानगर बस में जनसंख्या वृद्धि के दुष्प्रभाव दिखने के चलते मैं प्राईवेट बस में हो लिया हूँ .........अगले स्टॉप पर जींस पहने हुई लड़की हमारे ही जैसे एक मित्र कि X RAY मशीन जैसी आँखों में आ जाती है विभिन्न प्रतिक्रियाओ के साथ  ...........उसको एक देहाती औरत( फीके लाल रंग कि साडी में,हाथ में प्लास्टिक कि बोरी में कुछ लिए हुए  ) फटकार कर भगाती है उसे  ...........आगे महानगर बस चल रही है , IIT KANPUR  के पास कुछ विदेशी खड़े हैं ........महानगर बस का कन्डक्टर ....एक हाथ से बस के हैंडल पकडे दूसरे हाथ को हिलाते हुए बोलता है "WELCOME TO KANPUR " ...................





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