क्या लिखूं....
फिर भी हर्फ़ चुनते हो,सिर्फ़ लफ्ज़ सुनते हो,इनके दरमियाँ क्या है,तुम ना जान पाओगे
Tuesday, 1 January 2013
कभी तो अंजाम के सिरों से ये जुस्तजू के सिरे मिलेंगे
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment